what is hosting in hindi (होस्टिंग क्या होता है )

अगर आप वेबसाइट या blog बनाने जा रहे है या बनाने की सोच रहे है, तो आपको दो चीजों की जरुरत होगी

  • domain
  • Hosting

पिछले आर्टिकल में मैंने बताया था की डोमेन क्या होता है What is domain in hindi (डोमेन क्या होता है )इस आर्टिकल में मई आपको बताऊंगा hosting क्या होता है और यह कैसे काम करता है , और कितने प्रकार का होता है अगर आपने डोमेन वाला आर्टिकल नही पढ़ा है तो यहा click करके आप उस आर्टिकल को पहले पढ़ सकते है | चलिए अब समझते है

what is hosting in hindi (होस्टिंग क्या होता है )

hosting एक प्रकार का computer server होता है, जहा हम अपने वेबसाइट को होस्ट करते है इसे आप एक कंप्यूटर भी समझ सकते है, जब भी हम कोई वेबसाइट बनाते है,तो उस वेबसाइट में मौजूद सारा content जैसे (फोटो,विडियो,गाना,डॉक्यूमेंट,कोई भी फाइल , इत्यादि ) यह सब डाटा को हम होस्टिंग पर ही स्टोर करते है जिससे की कोई भी व्यक्ति जो इन्टरनेट से कनेक्टेड हो डोमेन के जरिये कभी भी हमारे वेबसाइट को एक्सेस कर सके और हमारे होस्टिंग पर मौजूद डाटा को देख सके और उसे एक्सेस कर सके | जैसा की मैंने आपको बताया की होस्टिंग एक कंप्यूटर ही होता है इसमें भी RAM , PROCESSOR , CPU इत्यादि लगे होते है | अगर आप चाहे तो घर पर ही अपने कंप्यूटर को एक होस्टिंग सर्वर में कन्वर्ट कर सकते है और अपने वेबसाइट का सारा content उसपर उपलोड कर सकते है, इससे आपका कंप्यूटर भी एक होस्टिंग की तरह काम करेगा और आप अपने वेब्स्सिते को अपने ही कंप्यूटर पर होस्स्त कर सकेंगे लेकिन ऐसा करने पर आपको बहुत सारे समस्याओ का सामना करना पर सकता है | जैस :-

  • आपको अपने कंप्यूटर को होस्स्तिंग सर्वर में बदलने के लिए आपके कंप्यूटर में RAM,PROCESSOR,CPU इत्यादि पावरफुल होंना चहिये जिससे आपके वेबसाइट में किसी प्रकार की दिक्कत न आये |
  • आपको अपने कंप्यूटर को 24hours चालू रखना होगा जिससे की कभी भी कोई भी व्यक्ति आपके वेबसाइट को एक्सेस कर साके अगर आपका कंप्यूटर किसी भी कारन से ऑफ होता है तो कोई भी व्यक्ति आपके वेबसाइट को एक्सेस नही कर पायेगा और आपका वेबसाइट सर्वर एरर बातएगा |
  • आपको अपने होस्टिंग कंप्यूटर को रेगुलर mentence का ध्यान रखना होगा जिसे आपके कंप्यूटर में किसी प्रकार का प्रॉब्लम न आये |
  • आपको एक टेक्निकल staff भी रखना होगा जो की किसी भी प्रकार की कोई गर्बरी आने पर आपके कंप्यूटर को तुरंत ठीक करे |
  • आपका maintence खर्च भी बहुत जादा आएगा और भी बाहुत साड़ी समस्या आएँगी इन्ही सब समस्या से बचने के लिए हम किसी होस्टिंग कंपनी से होस्स्तिंग खरीदते है और बदले में उन्हें monthly या yearly कुछ payment करते है
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जिस भी कंपनी से हम होस्टिंग खरीदते है उनके पास बहुत सारे पावरफुल कंप्यूटर होते है जो की 24घंटे चालू रहते है और उनके पास बहुत सारे टेक्निकल staff भी होते है जो की किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उससे जल्दी से जल्दी ठीक करते है जिससे की हमारे वेबसाइट को रन करने में कोई समस्या न आये | होस्टिंग कंपनी बहुत सारे होस्टिंग प्लान देते है जैसे अगर आपने अभी अभी कोई वेबसाइट बनाया है तो आपके लिए बेसिक प्लान होगा जिसका monthly कास्ट बहुत कम होगा जिस्समे आपको एक सिमित processor,ram,cpu आदि मिलता है और अगर वेबसाइट परा जादा लोग daily आते है तो उस हिसाब से आप उनका जो कोस्स्त्ली पण भी होता है जिसमे ram,cpu, आदि ऐडा दिया होता है जो की जादा traffic एक बार में मैनेज कर सके अब आपको होस्टिंग के बारे में समझ आ चूका होगा अब हम बात करेंगे की होस्टिंग कितने प्रकार का होता है |

How many types of hosting (होस्टिंग कितने प्रकार के होते है |)

मुख्यतः होस्तिन्न्ग 4 प्रकार के होते है

  • Shared hosting
  • VPS hosting (Virtual Private Service)
  • Dedicated hosting
  • Cloud hosting

Shared Hosting :- shared hosting ऐसा होस्टिंग होता है जिस में एक ही सर्वर को बहुत सारे लोगो के साथ शेयर किया जाता है चलिए इसे हम एक उदहारण से समझते है मान लीजिये आप कही ट्रेवल कर रहे है और आप बस से ट्रेवल कर रहे है बस भी एक shared hosting की तरह ही है जैस एक ही जैसे shared होस्टिंग में एक ही सर्वर को बहुत सारे लोगो के साथ शेयर किया जाता है वैसे ही बस को भी बहुत सारे लोगो के साथ शेयर की जाता है जैसे बस में आपका ट्रेवल कास्ट बहुत कम लगता है उसी तरह स्घरेड होस्टिंग में भी monthly कास्ट कम होता है लेकिन जैसे जैसे आपके बस में भीर बढ़ेगी आपको समस्या आना स्टार्ट हो जाएगा ठीक उसी प्रकार जैसे जैसे आपके वेबसाइट पर traffic जादा आने लगेगा आपका वेबसाइट स्लो हो जाएगा लेकिन आप अपने shared होस्टिंग को अपग्रेड भी कर सकते है मान लीजिये आपके वेबसाइट पर शुरू में कम ट्राफ़ आता हाई तो आपने shared होस्टिंग लिया है लेकिन अगर आगे चलकर अगर traffic बढ़ता है तो आप अपने होस्टिंग प्लान को अपग्रेड भी कर सकते है |

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VPS hosting :- VPS hosting मतलब virtual private service यह एक ऐसा होस्टिंग होता है जिसमे एक ही सर्वर को कुछ लोगो के साथ शेयर किया जाता है लेकिन इस होस्टिंग में आपको एक निचित space दिया जाता है अब आप मान लीजिये आप किसी बस में ट्रेवल कर रहे है लेकिन बस में आपने सीट रिज़र्व किया हुआ है अब आपके बस में कितना भी भीर हो जाई आपको shared होस्टिंग की तरह समस्या नही आएगी क्यकी बस में आपने एक सीट रिज़र्व किया हुआ है जिस आपके अलावा और कोई नही बैठ सकता अब आपको बस के भीर से कोई समस्या नही आने वाली है, लेकिन अगर वेबसाइट पर बहुत जादा traffic आता है तो इस होस्स्तिंग में भी आपको समस्या देखने को मिल सकता है |

Dedicated Hosting :- जैसा की नाम से पता चलता है dedicated मतलब अलग ईस होस्टिंग में आपको एक अलग ही सर्वर दिया जायेग जिसे किसी की साथ शेयर नही किया जाएगा ईस पर केवल आपका वेबसाइट को ही होस्ट किया जाएगा इसलिए आपको इसमें shared hosting और vps होस्टिंग जैसा कोई समस्या देखने को नही मिलेगा नही इसका monthly cost भी जादा होता है इसमें आपको तब ही कोई समस्या आएगा जब आपके होस्टिंग का सर्वर किसी कारन से डाउन होगा नही तो और कोई समस्या आपको इस होस्टिंग में देखने को नही मिलेगा |

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Cloud Hosting :- जैसा की नाम से पता चलता है क्लाउड होस्टिंग मतलब यह होस्टिंग किसी एक जगह से आपका वेबसाइट होस्ट नही करता इसका सेवर जहा जहा भी होगा उन सभी जगहों पर पर आपका वेबसाइट होस्ट होगा इससे आपको यह फायदा होगा की अगर आपका एक होस्टिंग किसी कारन से डाउन भी हो गया है तो यह किसि और क्लाउड होस्टिंग से आपका वेबसाइट live रहेगा आपको इससे कोई प्रॉब्लम नही आने वाली है |What is domain in hindi (डोमेन क्या होता है )

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