मोबाइल पेमेंट ऐप Mobikwik से 35 लाख लोगों का Data लीक, क्या है डेटा लीक का राज?

बड़ी बड़ी सिक्योरिटी रिसर्चर कंपनिया आय दिन किसी न किसी सर्वर से आम पब्लिक का डेटा चोरी करने की खबर को सामने लाता रहा है। यह चोरी क्यों और कैसे हो रही है इसकी जानकारी हमारे पास नहीं है पर इससे आम पब्लिक की सिक्योरिटी पर खतरा है। इसी बीच सिक्योरिटी रिसर्चर कंपनी ने मोबाइल से ऑनलाइन पेमेंट करने वाली एक कंपनी के यूजर्स की डेटा लिक का मामला सामने आया है इस बार मोबाइल पेमेंट ऐप के सर्वर से 35 लाख लोगो का डेटा लिक हो गया है।.

Mobikwik से लीक हुआ डेटा

एक वेबसाइट zeebiz.com के मुताबिक ऑनलाइन पेमेंट ऐप Mobikwik के सर्वर से लगभग 35 लाख यूजर्स की निजी जानकारी लीक हो गई है. एक स्वतंत्र साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर ने इस लीक का खुलासा किया है। कि Mobikwik से डेटा लीक हुआ है.

जानकारी के मुताबिक Mobikwik के यूजर्स में से लगभग 35 लाख लोगों की पर्सनल, बैंकिंग और कार्ड सम्बन्धित ( ईमेल एड्रेस, फोन नंबर, बैंक अकाउंट डिटेल, कार्ड डिटेल और पासवर्ड) डेटा चोरी हुआ है. हालांकि हैकिंग की इस खबर पर Mobikwik ने सफाई दी है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई.

Mobikwik ने इन सभी आरोपो को झूठा बोलते हुए कहा है की कुछ सिक्योरिटी रिसर्चर कंपनिया अपनी अपने को फेमस करने के लिए कर रही है। Mobikwik ने बताया कि उसके सभी यूजर्स के साथ उन 35 लाख लोगो की डेटा भी सुरक्षित है जिसका आरोप लीक होने का लिए बोला जा रहा है।

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साइबर सिक्योरिटी कम्पनी Rajaharia का दावा है कि लगभग 11 करोड़ भारतीयों के क्रेडिट/डेबिट कार्ड डिटेल लीक हो चुके हैं. इसमें ग्राहकों के KYC की सॉफ्ट कॉपी और PAN Card और Aadhaar Card की जानकारी भी शामिल है. Rajaharia का कहना है कि यूजर्स का डेटा डार्क वेब में 1.5 Bitcoin में आसानी से खरीदा जा सकता है.

देश में कोरोना वायरस महामारी और देश में लॉक डाउन लगने के बाद से ही साइबर क्राइम के मामलों इजाफा हुआ है.

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