GoAir लाने जा रहा है IPO , इस IPO से जुटाएगा 3600 करोड़ रुपये

GoAir लाने जा रहा है IPO , इस IPO से जुटाएगा 3600 करोड़ रुपये

वाडिया ग्रुप की एयरलाइन कंपनी GoAir ने अपना IPO लाने के लिए सेबी के पास आवेदन जमा कर दिया है। कंपनी ने 13 मई को अपने एयरलाइन की रीब्रांडिंग Go First के नाम से की थी। एयरलाइन कंपनी की रीब्रांडिंग इसके IPO लाने की तैयारी ही थी । कोरोना वायरस के संक्रमण में जहां सभी एयरलाइन कंपनियां मुश्किल दौर से गुजर रही हैं वहीं GoAir अपना IPO लाने की तैयारी में लगा हुआ है।

GoAir कंपनी की शुरुआत सन 2005 में हुई थी। इसके बेड़े में 50 से ज्यादा विमान हैं। इसकी प्रतिद्वंदी कंपनी IndiGo का कारोबार इसके एक साल बाद शुरू हुआ था लेकिन उसके बेड़े का साइज GoAir से 5 गुना है।

कोरोनावायरस संक्रमण और लॉकडाउन के कारण पिछले 14 महीने एयरलाइन्स के लिए काफी मुश्किल भरे रहे हैं। इसके असर से कोई भी नहीं बच पाया है।

CNBC-TV18 ने मार्च में रिपोर्ट किया था कि GoAir इस साल 2021 में अप्रैल में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकती है।

GoAir ने मार्केट रेगुलेटर सेबी में जो DRHP जमा किया है उसमें Go First ट्रेडमार्क और लोगो के रजिस्ट्रेशन के लिए भी आवेदन किया है। एयरलाइन ने कहा कि उसने पहले ही नए ब्रांड नेम और ट्रेडमार्क का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।

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GoAir ने कहा, “नए ब्रांड के तहत हम अपने समूचे ऑपरेशन में बदलाव की प्रक्रिया में है। हमारा मानना है कि अपने नए ब्रांड से हम बेहतर तरीके से कस्टमर्स को जोड़ सकते हैं।”

GoAir इश्यू से जुटाए फंड का इस्तेमाल कर्ज घटाने और एक्सपैंशन में करेगी
वाडिया ग्रुप की एयरलाइन GoAir ने कई मुश्किलों का सामना करने के बाद शेयर मार्केट में लिस्टिंग के लिए दस्तावेज दाखिल किए हैं। इससे पहले भी गोएयर ने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की योजना बनाई थी लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी थी। कंपनी ऐसे समय में लिस्टिंग कराने की कोशिश कर रही है जब एविएशन इंडस्ट्री के लिए चुनौतियां बढ़ रही हैं। एयरलाइन ने अपनी गो फर्स्ट के जरिए अपनी रिब्रांडिंग करने का कदम भी उठाया है।

देश की सभी एयरलाइंस की तरह गोएयर को भी महामारी से नुकसान हुआ है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो का कहना है कि उसने विमानों की लीज पेमेंट पर डिफॉल्ट नहीं किया है लेकिन गोएयर अपने कई लीज एग्रीमेंट्स पर डिफॉल्ट कर चुकी है। इससे कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी हो सकती है।

फंड का इस्तेमाल

GoAir की योजना नए शेयर्स जारी कर 3,600 करोड़ रुपये जुटाने की है। इसमें से 2,015 करोड़ रुपये या 56 प्रतिशत का इस्तेमाल कंपनी कर्ज को समय से पहले या निर्धारित समय पर भुगतान करने की योजना कर रही है। इसके अलावा यह अपनी कुछ बकाया रकम चुकाने के लिए भी इस फण्ड का इस्तेमाल करेगी। इसमें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के 254 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। इसके बाद एयरलाइन के पास एक्सपैंशन और अन्य कंपनी की जरूरतों के लिए 1,000 करोड़ रुपये से कुछ अधिक बचेंगे।

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कंपनी पर अभी टोटल कर्ज 2,900 करोड़ रुपये से अधिक है। इस कर्ज को चुकाने से आने वाले वर्षों में वित्तीय बोझ को कम करने में मदद मिलेगी। पिछले वर्ष इसकी फाइनेंस कॉस्ट 850 करोड़ रुपये से अधिक थी यह पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है।

एंसिलरी रेवेन्यू के लिहाज से GoAir Indigo और Spicejet की तुलना में पीछे है लेकिन इसकी ऑपरेटिंग कास्ट इन सभी एयरलाइंस से कम है और मेंटेनेंस कॉस्ट Indigo के बराबर है।

GoAir का मार्केट शेयर कई वर्षों से स्थिर है और यह 10 पर्सेंट से अधिक नहीं गया है।

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